कब होगा बर्फ से हुए नुकसान का आकलन

डंसा (शिमला)। यहां के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी से सेब और अन्य फलदार पेड़ों को हुए नुकसान का अभी तक जायजा नहीं लिया गया है। इससे बागवानों में रोष है और उन्होंने जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कर राहत की मांग की है।
भारी बर्फबारी से नोग वैली के ऊपरी गांव, दरकाली, मुनिश, काशापाट, नरैण, बाहली, धारगौरा, मशनू समेत अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर सेब की टहनियां टूटी है तो कहीं पर सेब जड़ से ही उखड़ गए। खुमानी और अन्य गुठलीदार फलों को भी नुकसान पहुंचा है। सरकार ने ऐलान किया था कि उद्यान विभाग जल्द नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा, लेकिन अभी तक विभाग की टीम आकलन करने गांवों तक नहीं पहुंची है। इससे नुकसान का आकलन कार्य हो नहीं पाया है। इधर, आकलन का कार्य शुरू न किए जाने से बागवानों में रोष है। उनका कहना है कि सरकार ने नुकसान के आकलन की बात सिर्फ बागवानों को चुप कराने को की ताकि वे मुआवजे को आवाज न उठाएं।
प्रगतिशील बागवान गुरजीत सिंह, शिव लाल, जीएल डमालू, सूरज नेगी, पवन हुडन, छतर सिंह, बंसी लाल, लायक राम, धर्मसेन, मणी लाल व प्रकाश चंद ने आकलन कार्य जल्द शुरू करने की मांग की है। इधर कई जगहों पर बागवानों ने बर्फबारी से छूटे पेड़ों काट कर ठिकाने लगा दिया है और टूटी टहनियों पर पेस्ट लगा दिया है। आखिर वे कब तक उद्यान विभाग का इंतजार करते।
उद्यान विभाग के अधिकारी डा. मनमोहन चौहान ने बताया कि खराब मौसम के कारण नुकसान के आकलन के लिए टीम मौके पर नहीं भेजी जा सकी है। आकलन कार्य जल्द शुरू कर रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।

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