कंप्यूटर आपरेटरों के भविष्य पर तलवार

बिलासपुर। विधानसभा चुनाव के दौरान तैनात किए कंप्यूटर प्रोग्रामर और आपरेटरों के भविष्य पर तलवार लटक गई है। राज्यभर में उपमंडल स्तर पर तैनात कंप्यूटर आपरेटरों को 31 मार्च के बाद हटा दिया जाएगा। इससे आपरेटरों में हड़कंप मचा हुआ है। आपरेटरों ने निर्वाचन विभाग से उनके अनुबंध को बढ़ाने की मांग की है।
प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कंप्यूटर कार्य के लिए निर्वाचन आयोग ने आउट सोर्सिंग के माध्यम से आपरेटर और प्रोग्रामर तैनात किए थे। इसके लिए डोएक (डीओएईसीसी) कंपनी को जिम्मा सौंपा था। इन युवाओं के माध्यम से चुनाव के दौरान कंप्यूटर पर चुनाव का डाटा फीड करने समेत अन्य तमाम कार्य करवाए गए। लेकिन, अब चुनावी प्रक्रिया निपटने के बाद इनकी आवश्यकता नहीं रही। 31 मार्च से इनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। इससे आपरेटरों में हड़कंप मच गया है। कंप्युटर आपरेटर विजय, सुशील, रवि कुमार, अनिल, रोशन लाल और पुरुषोत्तम ने कहा कि जब वह तैनात हुए थे तो उन्हें कहा था कि तीन महीने का अनुबंध आगे बढ़ाया जाएगा। इससे प्रदेश के कई युवा बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग में तैनात ईवीएम डाटा आपरेटरों का अनुबंध तीन महीने से बढ़ाकर एक साल कर कर दिया है। उपमंडल स्तर पर तैनात कंप्यूटर आपरेटरों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। उन्होंने निर्वाचन विभाग और प्रदेश सरकार से मांग की है कि उनका अनुबंध भी आगे बढ़ाया जाए। सहायक निर्वाचन अधिकारी पीएल नेगी ने बताया कि आपरेटरों को चुनावी कार्य के लिए तैनात किया था। अब उनकी आवश्यकता नहीं रही। यदि आवश्यकता होती तो उन्हें बहाल रखा जाता। फिर जरूरत हुई तो इन्हें फिर बुलाया जाएगा।

दो महीने से नहीं मिला वेतन
बिलासपुर। कंप्यूटर आपरेटरों का कहना है कि उन्हें जनवरी और फरवरी महीने का वेतन भी नहीं मिला है। इससे उन्हें दिक्कतें हो रही हैं। ऐसे में यदि नौकरी से भी निकाला गया तो परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा। सहायक निर्वाचन अधिकारी पीएल नेगी के अनुसार बिल पास कर दिए गए हैं।

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