ओमिक्रॉन : जनता पर कहीं भारी न पड़ जाए सरकारी लापरवाही

ओमिक्रॉन :  जनता पर कहीं भारी न पड़ जाए सरकारी लापरवाही

शिमला
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में रात्रि कर्फ्यू लगा दिया गया है, लेकिन हिमाचल में बरती जा रही लापरवाही जनता पर भारी पड़ सकती है। जिला मंडी की ओमिक्रॉन पॉजिटिव महिला तीन दिसंबर को हिमाचल पहुंची है। 12 दिसंबर को शिमला में महिला का सैंपल लिया गया। इसमें वह पॉजिटिव पाई गई। इसके सात दिन बाद महिला का सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजा गया।

आठ दिन बाद (26 दिसंबर) को महिला में ओमिक्रॉन वैरिएंट की पुष्टि होती है, लेकिन इसके दो दिन पहले यानी 24 दिसंबर को आरटीपीसीआर करवाने पर महिला की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी थी। उधर, केंद्र सरकार ने हिमाचल लौटे लोगों की सूची साझा की है। बाहरी देशों से 2167 यात्री हिमाचल लौटे हैं। इनमें 1747 यात्री आरटीपीसीआर परीक्षण के लिए पात्र, जबकि 420 अंतरराष्ट्रीय यात्री ऐसे थे, जिनके टेस्ट नहीं हो पाए। कइयों ने 14 दिन होम क्वारंटीन का समय पूरा कर लिया है। कई विदेश लौट गए हैं। 1747 यात्रियों में से 942 के आरटीपीसीआर टेस्ट किए गए। इनमें 10 लोग पॉजिटिव पाए गए।

सात लोगों के सैंपल दिल्ली भेजे गए, जबकि 3 के सैंपल सोमवार को भेजे जाने हैं। एनएचएम निदेशक हेमराज बैरवा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने महिला के तीन प्राइमरी कांटेक्ट के भी सैंपल लिए हैं। इनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। प्राइमरी इसमें महिला के माता, पिता और बहन हैं। 14 दिन होम क्वारंटीन करने के बाद 24 दिसंबर को दोबारा सैंपल लिया गया, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि ओमिक्रॉन को लेकर प्रदेश में अलर्ट किया गया है। जिन लोगों के सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे गए हैं, उनके परिजनों को 14 दिन के लिए घरों में आइसोलेट किया गया है।

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