ओपीएस मामला : चुनाव से पहले चुनौती बनी ओपीएस बहाली, मुख्य सचिव ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक

ओपीएस मामला :  चुनाव से पहले चुनौती बनी ओपीएस बहाली, मुख्य सचिव ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक

शिमला
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) की बहाली राज्य सरकार के लिए चुनौती बन गई है। इस संबंध में मुख्य सचिव आरडी धीमान ने न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) लेने वाले कर्मचारियों के मसलों को सुलझाने के लिए सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। मुख्य सचिव आरडी धीमान की अध्यक्षता में इस संबंध में एक कमेटी भी बनी हुई है। दरअसल न्यू पेंशन स्कीम से कर्मचारियों की पेंशन पहले वाली स्कीम से बहुत कम हो गई है। राज्य में वर्ष 2003 के बाद नियुक्त कर्मचारी पुरानी पेंशन की मांग कर रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों की संख्या करीब एक लाख के आसपास है। सोमवार को मुख्य सचिव आरडी धीमान की अध्यक्षता में होने जा रही बैठक में हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी ठाकुर, महासचिव राजेश शर्मा, एनपीएस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर और एक अन्य कर्मचारी प्रतिनिधि भी इसमें आमंत्रित किए गए हैं।

हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर का कहना है कि राज्य में न्यू पेंशन स्कीम को 2006 में अडॉप्ट किया गया है। पुरानी पेंशन योजना का लाभ देना वर्ष 2003 से बंद किया गया। इसके बाद से ही कर्मचारी इस मांग को उठा रहे हैं। वर्ष 2006 में न्यू पेंशन स्कीम को लागू करने की सरकार पर कोई बाध्यता नहीं थी। फिर भी उस वक्त से लागू किया गया। सोमवार को सरकार ने बैठक बुलाई है तो जरूर इसमें कोई सकारात्मक कदम उठाया जाएगा। यह मालूम रहे कि सीएम जयराम ठाकुर भी पिछले कुछ दिनों से न्यू पेंशन स्कीम लागू करने के लिए कांग्रेस की पिछली सरकार को ही निशाने पर ले रहे हैं। अचानक कर्मचारियों के दबाव के बीच इस बीच सोमवार को मुख्य सचिव आरडी धीमाप की अध्यक्षता वाली कमेटी की बैठक बुला दी गई है।

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