एसएमसी शिक्षकों ने उठाई विशेष नीति की मांग

बिलासपुर। प्रदेश के स्कूलों में एसएमसी कमेटियाें के माध्यम से नियुक्त अध्यापकों ने वीरभद्र सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। एसएमसी शिक्षक संघ का कहना है कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में इस वर्ग को प्रत्येक स्तर पर झूठे आश्वासनों का झुनझुना ही मिलता रहा। लिहाजा उनकी सारी उम्मीदें अब कर्मचारी हितैषी मौजूदा सरकार तथा उसके पहले आम बजट पर टिकी हैं।
एसएमसी शिक्षक संघ के प्रदेश सहसचिव एवं जिला उपाध्यक्ष कृष्णूराम, सचिव नरेश कुमार, वनिता, सुभाष, पंकज, रणधीर, नरेश, अनिता, कविता और वंदना आदि ने कहा कि इस वर्ग के अध्यापक पिछले 4-5 वर्षों से स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। नियमित अध्यापकों के समान कार्य करने के बावजूद उन्हें महज 500 से लेकर 1500 रुपये तक मानदेय मिल रहा है। कई शिक्षक ऐसे भी हैं जो निशुल्क सेवाएं दे रहे हैं। पूर्व सरकार ने दुर्गम व पिछड़े क्षेत्रों में पीरियड के आधार पर शिक्षक नियुक्त करने की नीति बनाई, लेकिन एसएमसी शिक्षकों को उसके अंतर्गत नहीं लिया गया।

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