एमए पास परीक्षार्थियों के लिए 12वीं पास हल करवाते थे प्रश्नपत्र, ऐसे चलता था पूरा खेल

एमए पास परीक्षार्थियों के लिए 12वीं पास हल करवाते थे प्रश्नपत्र, ऐसे चलता था पूरा खेल

जींद (हरियाणा)
यूजीसी नेट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले का पूरा खेल हरियाणा के भिवानी स्थित विकास की एकेडमी से जुड़ा हुआ है। इस एकेडमी में ही सभी परीक्षार्थियों को पेपर से एक दिन पहले बुलाकर प्रश्नपत्र हल करवाया जाता था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यूजीसी नेट का पेपर देने के लिए एमए में 55 प्रतिशत से अधिक अंक होने चाहिए।

इन 55 फीसदी से अधिक अंक वालों के लिए 12वीं पास पुनीत व रिंकू एकेडमी में प्रश्नपत्र हल करवाते थे। इसमें वह कुछ और लोगों की भी मदद लेते थे। अब पुलिस भिवानी में ही पूरे मामले को खंगालेगी। गौरतलब है कि रविवार को जींद पुलिस ने ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वाले बड़े गिरोह के नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें अलग-अलग तिथियों और रविवार को हुई यूजीसी नेट की परीक्षा के उम्मीदवारों के स्थान पर परीक्षा देने वाले भी शामिल थे।

गिरोह के मुख्य सरगना का नाम दिल्ली के विकास के रूप में सामने आया है। विकास के बारे में फिलहाल पुलिस ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। विकास की भिवानी में एक एकेडमी है। विकास का साला पुनीत इस एकेडमी को चलाता है। खुद पुनीत व रिंकू 12वीं पास हैं। दोनों मिलकर प्रश्नपत्र लीक मामले का खेल खेलते हैं।
 
 यूजीसी नेट में फर्जीवाड़ा: दिल्ली से प्रश्नपत्र लीक कर भेजा भिवानी, हिंदी का पेपर छह परीक्षार्थियों को करवाया हल

जिस दिन परीक्षा होती थी, उससे पहले दिन विकास पुनीत के पास प्रश्नपत्र भेजता था। यहां यदि सुबह की शिफ्ट में पेपर होता तो परीक्षार्थियों को रात को बुलाया जाता था और यदि पेपर शाम की शिफ्ट में होता तो परीक्षार्थियों को सुबह बुलाकर प्रश्नपत्र हल करवाया जाता था।

विकास पुनीत व रिंकू के पास प्रश्नपत्र भेजता था और इसके बाद पुनीत व रिंकू से राहुल मिलकर परीक्षार्थियों को अपने जाल में फांसते थे। उसी प्रकार पैसे का लेनदेन भी इसी तरीके से होता था। राहुल परीक्षार्थियों से पैसे लेकर रिंकू व पुनीत को देता था और इसके बाद रिंकू व पुनीत पैसे विकास को भेजते थे।
ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं आरोपी
प्रश्नपत्र लीक मामले से जिन नौ आरोपियों को पकड़ा गया है, वह बहुत ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं। इनमें राहुल, मनजीत, दीपक व अभिषेक बीए पास हैं जबकि पुनीत, रिंकू, अर्जुन, विक्रम व अमरजीत 12वीं पास हैं। 
परीक्षा देने के बाद व परिणाम आने से पहले देने होते थे पैसे
इन उम्मीदवारों को एक दिन पहले ही पूरा प्रश्नपत्र अकादमी में हल कराने के बाद उम्मीदवारों को पूछा जाता कि कितने प्रश्न हल हुए। इसके बाद परिणाम आने से पहले ही सभी परीक्षार्थियों से तय की गई राशि ली जाती थी।
15 से 20 हजार रुपये प्रति परीक्षार्थी था राहुल का कमीशन
खटकड़ निवासी राहुल ग्राहक लाता था। परीक्षा दिलवाने के बाद प्रति परीक्षार्थी से लिए गए तीन लाख रुपये में से खुद 15 से 20 हजार रुपये राहुल बतौर कमीश्न रख लेता था, बकी के पैसे वह पुनीत व रिंकू को दे देता था। जिसके बाद यह पैसा विकास के पास जाता था। 
नौ में से तीन आरोपी चार दिन और बाकी एक दिन की रिमांड पर लिए
पकड़े गए नौ आरोपियों में से महेंद्रगढ़ के पत्थरवाल निवासी रिंकू, भिवानी जिले के बामला निवासी पुनीत व खटकड़ निवासी राहुल को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। अन्य बोहतवाला निवासी अर्जुन, खटकड़ निवासी अभिषेक, बहबलपुर निवासी विक्रम, धड़ौली निवासी दीपक,  ईगराह निवासी मनजीत व बहबलपुर निवासी अमरजीत का एक दिन का रिमांड लिया गया है। इनमें से जिन छह लोगों का एक दिन का रिमांड है। यह सभी अपने जानकारों के लिए प्रश्नपत्र लेने के आरोपी हैं। फिलहाल इसमें कोई भी परीक्षार्थी गिरफ्तार नहीं हुआ।  
फिलहाल पुलिस की जांच भिवानी स्थित विकास की एकेडमी है। रिंकू व पुनीत जिन लोगों की मदद प्रश्नपत्र हल करवाने में लेते थे, उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस की टीम भिवानी पहुंच चुकी है। जल्द ही विकास को भी पुलिस गिरफ्तार करके इस मामले की जड़ तक पहुंच जाएगी।-जितेंद्र कुमार, डीएसपी।

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