आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब की जनता को दिया तोफा, 600 यूनिट बिजली मुफ्त अधिसूचना जारी,कुछ लोगो ने अधिसूचना पर उठाए सवाल

आम आदमी पार्टी  सरकार ने पंजाब की जनता को दिया तोफा, 600 यूनिट बिजली मुफ्त अधिसूचना जारी,कुछ लोगो ने अधिसूचना पर उठाए सवाल

चंडीगढ़। पावरकॉम ने घरेलू श्रेणी के सभी उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को किसी भी शुल्क, मीटर किराये या करों के भुगतान से छूट दी गई है, जो दो महीने में 600 यूनिट तक की खपत करते हैं। पहले से तय कुछ लाभार्थियों को मुफ्त बिजली का लाभ लेने के लिए अब स्व:घोषणा पत्र देना होगा, जिसमें उन्हें अपनी आय के स्रोतों के अलावा आयकर संबंधी विवरण भी देना होगा। हालांकि आयकर की जानकारी 2020 से राज्य के एससी-बीसी व बीपीएल वर्ग के लिए लागू 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के लिए भी देनी अनिवार्य रही है। पावरकॉम के एक अधिकारी ने इस संबंध में बताया कि इस योजना के लाभार्थी खपतकारों को 600 यूनिट तक केवल बिजली का बिल ही नहीं, बल्कि उस पर लगने वाला कोई भी ऊर्जा चार्ज, फिक्स्ड चार्ज, मीटर किराया व सरकारी लेवी/टैक्स भी नहीं देना होगा। इस तरह लाभार्थी उपभोक्ताओं का बिल जीरो आएगा।

पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति, गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों और स्वतंत्रता सेनानी श्रेणी के उपभोक्ताओं को दो माह में 600 यूनिट निशुल्क बिजली प्राप्त करने के लिए स्व-घोषणा पत्र जमा करना होगा। योजना का लाभ एक जुलाई से लागू होगा। योजना के मुताबिक, अगर एक उपभोक्ता दो महीने में 600 यूनिट से अधिक की बिजली खपत करता है तो उसे पूरे बिल का भुगतान करना होगा। हालांकि, अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति, गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों और स्वतंत्रता सेनानी श्रेणी के उपभोक्ताओं को दो महीने में 600 यूनिट से अधिक की खपत करने पर इससे ऊपर के बिल का भुगतान करना होगा।

लाभार्थियों को तय यूनिट से ऐसे देना होगा बिल
ऐसे लाभार्थी, जिन्हें 600 से ज्यादा यूनिट खर्च करने पर बाकी यूनिटों का बिल अदा करना होगा, उनमें अगर किसी खपतकार की दो माह की बिजली खपत 750 यूनिट है तो उसे 750 में से 600 यूनिट घटाकर 150 यूनिट के लिए लागू टैरिफ की दरों के अनुसार सभी चार्ज के साथ बिल अदा करना होगा। इसी तरह बाकी सभी घरेलू खपतकारों की बिजली खपत भी अगर मुफ्त यूनिटों से ज्यादा होती है तो उन्हें पूरा बिल भरना होगा।
इन्हें मुफ्त बिजली योजना का लाभ नहीं
घरेलू सप्लाई के शेड्यूल आफ टैरिफ के तहत बाकी सभी उपभोक्ताओं, जिनमें सरकारी अस्पताल, सरकारी डिस्पेंसरियां, सभी पूजा स्थल, सरकारी खेल संस्थाएं, सैनिक रेस्ट हाउस, सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थान और अटैच्ड हॉस्टलों को मुफ्त बिजली योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार ने घरेलू उपभोक्ता, जो केवल रिहायशी उपयोग के लिए बिजली का इस्तेमाल करेंगे, के लिए ही मुफ्त बिजली देने का फैसला किया गया है।
मुफ्त बिजली योजना से 80 फीसदी परिवार वंचित: शिअद
मुफ्त बिजली की अधिसूचना जारी होने के बाद शिअद ने मान सरकार को आड़े हाथों लिया है। पार्टी ने कहा कि राज्य सरकार की निर्धारित शर्तों से स्पष्ट है कि 80 फीसदी से अधिक लोग इस तथाकथित योजना से वंचित रहेंगें। अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया था कि 51 लाख से अधिक परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा, लेकिन पीएसपीसीएल की ओर से जारी अधिसूचना ने साबित कर दिया है कि मुख्यमंत्री द्वारा किए गए सभी दावे खोखले थे और उनकी कोई बुनियादी हकीकत नहीं थी। हालांकि समाज के छोटे और मध्यम वर्गीय वर्ग को इस योजना का लाभ मिल सकता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि बड़ी संख्या में परिवार का एक सदस्य या तो सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी, डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट या अन्य पेशे में हैं, इसीलिए उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। डॉ. चीमा ने कहा कि एक और कमी यह है कि यदि प्रति माह 300 से अधिक यूनिट की खपत होती है तो उपभोक्ता को उसी के अनुसार बिल दिया जाएगा, क्योंकि अधिसूचना में कहा गया है कि प्रति माह यूनिट अलग है और दो माह के लिए 600 यूनिट का मतलब है कि हर माह खपत 300 यूनिट से अधिक नहीं होनी चाहिए। मान सरकार ने पंजाबियों के साथ बड़ा धोखा किया गया है।

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