अवैध वसूली मामला : फर्जी आईजी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश करने की तैयारी

अवैध वसूली मामला : फर्जी आईजी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश करने की तैयारी

शिमला
फर्जी आईजी बनकर विनय अग्रवाल ने औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगपतियों से 1.49 करोड़ की अवैध वसूली की है। अग्रवाल औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा करता था तो हरियाणा पुलिस के सशस्त्र पुलिस कर्मचारी भी अवैध रूप से इसके साथ रहते थे। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि किसी को शक न हो।

फर्जी आईजी बनकर उद्योगपतियों से अवैध वसूली के मामले में आरोपी विनय अग्रवाल सहित अन्य तीन के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली गई है। सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) जल्द ही चार्जशीट को हाईकोर्ट में पेश करेगी। वहीं, आरोपी विनय अग्रवाल, उसके साथी संजीव सेठी और राज सिंह को बीते बुधवार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। एसआईटी का दावा है कि जांच में आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं।

आरोप है कि फर्जी आईजी बनकर अग्रवाल ने औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगपतियों से 1.49 करोड़ की अवैध वसूली की है। अग्रवाल औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा करता था तो हरियाणा पुलिस के सशस्त्र पुलिस कर्मचारी भी अवैध रूप से इसके साथ रहते थे। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि किसी को शक न हो।

बीते फरवरी में मामला सामने आने पर डीजीपी संजय कुंडू ने एसआईटी का गठन किया था। इस घटनाक्रम को लेकर सीआईडी के भराड़ी स्थित थाने में मुख्य आरोपी विनय अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एसआईटी आरोपियों के बैंक खाते खंगाल चुकी है। अब तक 20 लोगों से पूछताछ हो चुकी है। जिन उद्योगपतियों से पैसा लिया गया है, उनके बयान भी दर्ज किए गए हैं।

उद्योगपतियों को देता था कार्रवाई की धमकी
फर्जी आईजी कालाअंब, बद्दी, नालागढ़ में उद्योगपतियों को कार्रवाई की धमकी देता था। पैसे की वसूली को लेकर वह इधर-उधर फोन घूमाता था। बार-बार प्रताड़ित होने के बाद उद्योगपतियों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने पहले उद्योगपतियों के बयान दर्ज किए। इसके बाद फर्जी आईजी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

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