अब मजबूत होगी लघु, कुटीर एवं मध्यम उद्योग की रीढ़, राज्य में 15 लाख इकाइयां हैं संचालित

अब मजबूत होगी लघु, कुटीर एवं मध्यम उद्योग की रीढ़, राज्य में 15 लाख इकाइयां हैं संचालित

चंडीगढ़
केंद्रीय बजट 2021 में ऑडिट टर्नओवर की सीमा पांच करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ करने से पंजाब के एमएसएमई (लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम) उद्योग की रीढ़ मजबूत होगी। 2.5 लाख पंजीकृत इकाइयों को सीधे लाभ होने के साथ ही अब सूबे में ऐसी इकाइयों के पंजीकरण की संख्या में भी तेजी से इजाफा होगा। उद्यमी सीधे तौर पर सरकार के इस फैसले से टैक्स में लाभान्वित होगा।

पंजाब के जालंधर, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा, बटाला, खन्ना, फरीदकोट, राजपुरा, मोहाली, मंडी गोबिंदगढ़, रोपड़, फिरोजपुर, संगरूर, मालेरकोटला और मोगा प्रमुख वित्तीय और औद्योगिक शहरों में शुमार हैं। इन औद्योगिक शहरों में वर्तमान में 15 लाख एमएसएमई इकाइयां संचालित हो रही हैं, जिनमें मात्र 2.5 लाख ही पंजीकृत हैं। 

केंद्रीय बजट में ऑडिट टर्नओवर की सीमा को पांच करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ किए जाने का सीधा लाभ इन इकाइयों को मिलेगा। साथ ही लाखों की संख्या में बिना पंजीकरण के संचालित होने वाली इकाइयां भी इस लाभ को लेने के लिए पंजीकरण कराने के लिए सक्रिय हो जाएंगी। सूबे की माइक्रो स्मॉल इंडस्ट्री को भी सीधे तौर पर फायदा होगा और उनकी संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। जिससे रोजगार के भी हजारों अवसर पैदा होंगे।
क्या होगा फायदा
उद्यमियों पर फर्म के ऑडिट का दबाव हुआ करता था, अब वह नहीं रहेगा। अब उद्यमी अपने निजी चार्टेड अकाउंटेंट से ही ऑडिट कराके विभाग में जमा कर सकेंगे। इसके साथ ही आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए 13 प्रतिशत बजट का अलग से प्रावधान किया गया है। इससे भी एमएसएमई इकाइयों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
स्वागत योग्य कदम है। उद्यमियों को व्यक्तिगत तौर पर तो फायदा नहीं होगा लेकिन आर्थिक रूप से उद्यमी मजबूत जरूर होंगे। साथ ही अब सूबे में एमएसएमई पंजीकरण की संख्या में बड़ी वृद्धि होगी।- नवीन मगलानी, उद्यमी, मोहाली (पंजाब)।
 
बजट बहुत बढ़िया है। यही कारण है कि सेंसेक्स में 2000 से अधिक की वृद्धि हुई है। भले ही सरकार ने टैक्स में कोई राहत नहीं दी है लेकिन ओवरऑल सरकार ने उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।- करन गिल्होत्रा, अध्यक्ष, पीएचडी चैंबर, पंजाब राज्य।
केंद्र के इस फैसले से पंजाब के माइक्रो एंड स्मॉल उद्योग में बड़ा बदलाव आएगा। सूबे में अब ऐसी इकाइयों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे। हेल्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर में भी बड़े निवेश के कारण सीधे तौर पर उद्यमी लाभान्वित हुए हैं। – प्रो. सतीश वर्मा, अर्थशास्त्री, पंजाब।

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