अब पेड़ की जगह स्लीपर देगा विभाग

चंबा। अवैध कटान को रोकने के लिए विन विभाग ने वन अधिकार अधिनियम के तहत मिलने वाली इमारती लकड़ी लेने के नियमों में बदलाव किया है। पहले लोगों को मकान बनाने के लिए जो लकड़ी स्वीकृत होती थी, उसके लिए पेड़ दिए जाते थे। अब विभाग लोगों को स्लीपर निकालकर देगा। इससे अवैध कटान को काफी हद तक रोका जा सकेगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक जिस व्यक्ति को जितनी लकड़ी स्वीकृत होगी। विभाग स्लीपर निकालकर देगा। यह लकड़ी मार्केट रेट से 30 प्रतिशत रेट पर मिलेगी। बीपीएल और आईआरडीपी परिवारोें को लकड़ी लेने के लिए मार्केट रेट से मात्र 10 प्रतिशत कीमत अदा करनी पड़ेगी। विभाग लोगों को वन अधिकार अधिनियम के तहत 30 साल बाद नया घर बनाने या मकान की मरम्मत को इमारती लकड़ी मुहैया करवाता है।

पंचायत में पारित करना होगा प्रस्ताव
विभाग के एसीएफ कमल भारती ने बताया कि विभाग अवैध कटान को रोकने के लिए अब लोगों को स्लीपर निकालकर देगा। वन अधिकार अधिनियम के तहत लोगों को उतनी ही लकड़ी मिलेगी, जितनी पहले मिलती थी। पेड़ की जगह अब स्लीपर निकालकर दिए जाएंगे। लकड़ी के लिए लोगों को पहले पंचायत से प्रस्ताव पारित करना होगा। इसके बाद पात्र लोगों को वन विभाग लकड़ी मुहैया करवाएगा। पहले स्वीकृत पेड़ के साथ-साथ लोग कई पेड़ों को हलाल कर देते थे। इससे विभाग को काफी नुकसान होता था। विभाग की स्लीपर देने की योजना से अवैध कटान रोकने में काफी हद तक मदद मिलेगी।

स्लीपर निकालने का झंझट खत्म
स्लीपर मिलने से गरीब परिवारों को काफी सहूलियत मिलेगी। लोगों का पेड़ से स्लीपर निकालने का झंझट भी खत्म हो जाएगा। इससे लोगों के पैसे की बचत होगी। साथ ही अच्छी किस्म की लकड़ी भी प्राप्त होगी।

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