अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद अमित शाह का पहला दौरा, विकास कार्यों का लेंगे जायजा

अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद अमित शाह का पहला दौरा, विकास कार्यों का लेंगे जायजा

जम्मू
अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पहला दौरा 23 से 25 अक्तूबर तक प्रस्तावित है। तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत वह जम्मू और कश्मीर दोनों ही संभाग के दूरदराज इलाके में विकास कार्यों का जायजा लेंगे। उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा भी करेंगे। कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।  

सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार के जन पहुंच कार्यक्रम के तहत गृहमंत्री का 23 अक्तूबर से तीन दिवसीय दौरा प्रस्तावित है, लेकिन यह एक दिन पहले भी 22 से 24 अक्तूबर तक हो सकता है। फिलहाल कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। तीन दिवसीय दौरे में वे कुछ परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। कई विकास कार्यों का शुभारंभ करने के साथ ही सुरक्षा व विकास से जुड़ी कई समीक्षा बैठकें करेंगे। दौरे में वे कश्मीर घाटी के सुदूर इलाके के लोगों से मिलकर विकास के संबंध में फीडबैक भी लेंगे। उनका पूरा जोर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास कार्यों का लाभ पहुंचाना होगा। 

जन पहुंच कार्यक्रम का दौरे के साथ होगा समापन
केंद्रीय गृह मंत्री का कार्यक्रम जनपहुंच-2 के तहत प्रस्तावित है। इसमें 70 मंत्रियों के दौरे का कार्यक्रम है जो आठ सितंबर से शुरू हुआ है। गृह मंत्री के दौरे के साथ यह कार्यक्रम समाप्त होगा। इस कार्यक्रम के तहत लगभग सभी विभागों के मंत्रियों का दौरा जम्मू-कश्मीर में पूरा हो जाएगा। जन पहुंच कार्यक्रम का पहला चरण 18 से 24 जनवरी 2020 तक हुआ था जिसमें 36 मंत्रियों ने पूरे प्रदेश का दौरा किया था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद राज्य में हो रहे विकास कार्यों का जायजा लेना तथा जनता से उसका फीडबैक लेना है। दौरे के बाद सभी मंत्री अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय व प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपेंगे। 

उप राज्यपाल के साथ कानून व्यवस्था व विकास कार्यों की समीक्षा
दौरे के तहत केंद्रीय गृह मंत्री उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ राज्य के कानून व्यवस्था तथा विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे। इसके साथ ही वह बीएसएफ मुख्यालय का दौरा कर सकते हैं। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों के साथ संवाद स्थापित करने का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है। सूत्रों ने बताया कि वे अपने दौरे के दौरान आतंकवाद के मोर्चे पर विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों, खुफिया एजेंसियों तथा प्रशासन के साथ संयुक्त बैठक भी करेंगे।

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